Monday, 13 November 2017

समा की पूरी - Samo Rice Poori for Vrat

व्रत में फलाहारी खाने के लिये समा से खीर, पुलाव चकली या पूरी बनाई जाती हैं. व्रत के लिये आज समा की पूरी बनाईये, इसका स्वाद आपको बहुत अच्छा लगेगा.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Sama ke chawal ki Poori

  • समा के चावल - 3/4 कप (125 ग्राम)
  • सेंधा नमक - 1/3 छोटी चम्मच
  • काली मिर्च - ¼ छोटी चम्मच (ताजा कुटी हुई)
  • तेल - 1 छोटी चम्मच
  • तेल - पूरी तलने के लिए

विधि - Samo Rice Poori for Vrat

समा के चावलों को धोकर 2 घंटे के लिए पानी में भिगो कर रख दीजिए. इसके बाद अतिरिक्त पानी निकाल कर इन्हें बिना पानी डाले मिक्सर में पीस लीजिये, अगर आवश्यकता हो तब 1-2 छोटी चम्मच पानी डाला जा सकता है.

पैन को गैस पर रखें, इसमें चावल का पेस्ट डालकर 1 से 2 मिनट लगातार चलाते हुए, मीडियम फ्लेम पर, हल्का सा भून लीजिए. पेस्ट को इतना गाढ़ा कर लीजिये कि वह गूंथे आटे के जैसा हो जाय.
इस आटे को प्याले में निकाल लीजिए हल्का सा ठंडा होने पर, इसमें 1 छोटी चम्मच तेल और सेंधा नमक, काली मिर्च डालकर आटे को अच्छा चिकना होने तक मसल-मसल कर नरम आटा गूंथ लीजिए. पूरी बनाने के लिये आटा तैयार है.

आटे से छोटी-छोटी लोईयां तोड़कर तैयार कर लीजिए और इन्हें ढक कर रखें ताकि ये सूखे नहीं.
पूरी बनाने के लिए कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये. अब एक लोई उठाइये हाथ पर थोडा़ सा तेल लगाकर लोई को गोल आकार दीजिए, लोई को पोलिथिन शीट पर रख कर हाथ से दबाव देते हुए पूरी का आकार दीजिए. अब इस पूरी को उठाकर गरम तेल में डालिये.

पूरी को तेज आग पर तलिये. पूरी को कलछी से दबाकर फुलाइये, पूरी को पलट-पलट कर गोल्डन ब्राउन होने तक तल कर निकाल कर, प्लेट में रखिये. सारे आटे से इसी तरह पूरियां बना कर तैयार कर लीजिये. व्रत के लिए समा के चावल की पूरी बनकर तैयार हैं. गरमा गरम समा के चावल की पूरी को व्रत वाली आलू की सब्जी, व्रत वाली नारियल की चटनी, रायता या दही किसी के भी साथ सर्व परोसिये और खाइये.

सुझाव:
चावल को बारीक पीस कर तैयार कीजिये.
चावल के पेस्ट को भूनने के लिये नानस्टिक कढ़ाई का यूज कीजिये, आटा बिना चिपके बड़ी आसानी गुथ कर तैयार हो जाता है.
पूरी को पोथिन पर बेलते समय ध्यान रखें कि पूरी थोड़ी सी मोटी रहे.
10-12 पूरी बनाने के लिये
समय 35 मिनिट

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समा के चावल की खीर – Samvat Rice Kheer

नवरात्रि के दौरान समा यानी व्रत के चावल (Vrat ke Chawal) से कई तरह की रेसीपी बनाई जा सकती है, प्रस्तुत है समा चावल की खीर (Samvat Rice Kheer - Vrat Rice Kheer Recipe), जो खाने में स्वादिष्ट और बनाने में आसान है.

आवश्यक सामग्री - Ingredients for Samvat Rice Kheer

  • फुल क्रीम दूध - 1 लीटर (5 कप)
  • चावल - 80 ग्राम (2/3 कप)
  • चीनी - 100 ग्राम (1/2 कप)
  • काजू - 10 -12
  • किशमिश - 25- 30
  • छोटी इलाइची - 4 -5

विधि - How to make Samvat Rice Kheer

समा के चावल को साफ करके अच्छी तरह धो लीजिये और आधा घंटे के लिये पानी में भिगो दीजिये.
काजू को छोटे टुकड़ों में काट लीजिये, किशमिश को डंठल हटा कर धो लीजिये या कपड़े से पोंछ लीजिये. इलाइची छील कर कूट कर पाउडर बना लीजिये.
किसी भारी तले के बर्तन में दूध को गरम करने रख दीजिये, दूध में उबाल आने के बाद समा के चावल दूध में डाल कर, चमचे से अच्छी तरह चला दीजिये. आग धीमी कर दीजिये. खीर को प्रत्येक 3-4 मिनिट में चमचे से बर्तन के तले तक ले जाते हुये चलाते रहिये ताकि खीर बर्तन के तले में न लगे.

समा के चावल नरम होने पर, खीर में काजू और किशमिश डाल दीजिये. चावल को दूध के साथ एकदम मिलने तक खीर को पकने दीजिये. खीर को चमचे से गिराने पर दूध और चावल एक साथ गिरने चाहिये. अब खीर में चीनी डाल कर मिला दीजिये. आग बन्द कर दीजिये.
समा के चावल की खीर बन चुकी है. खीर में कुटी इलाइची डाल कर मिलाइये.
स्वादिष्ट समा के चावल की खीर, गरम या ठंडी परोसिये और खाइये.

सुझाव: समा के चावल की खीर बनाने के लिये फुल क्रीम दूध की जगह टोन्ड दूध भी लिया जा सकता है. खीर में सूखे मेवे अपनी पसन्द के अनुसार कम, ज्यादा या बदल कर डाल सकते हैं.

समा के चावल (Samvat Chawal) What is Sama Rice

समा के चावल क्या है - What is Sama Rice
समा के चावल मुख्य रूप से व्रत के लिए उपयोग किए जाते हैं, ये दिखने में बहुत छोटे और गोल आकार के होते हैं. समा के चावल को वरई, कोदरी, समवत, सामक चावल के नाम से जाना जाता है. गुजराती में इसे सामो (સામો) और मोरियो (મોરિયો) कहते है. अंग्रेजी में इसे Barnyard millet कहते हैं.  भगर और वरी (वरी चा तांदुळ) नाम से इसे महाराष्ट्र में जाना जाता है. हिन्दी में इसे मोरधन और समा के चावल कहा जाता है, वहीं बंगाल की ओर ये श्याम या श्यामा चावल के नाम से जाने जाते हैं.
समा के चावल को जंगली चावल भी कहा जाता है, क्योंकि यह एक प्रकार की जंगली घास है. समा के चावल 'घास' के 'बीज' हैं, यह चावल के धान में बढ़ता है क्योंकि इसे नम स्थान और नमी की आवश्यकता होती है. इन बीजों को सामान्यतः हिंदी में "व्रत के चावल" या "उपवास के लिए चावल" कहा जाता है.

समा चावल का व्रत-उपवास में उपयोग
समा के चावल को आध्यात्मिक और आर्युवेदिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है. वेदों में भी इन चावल का उल्लेख प्राप्त होता है, जिस कारण इन्हें वेद चावल भी कहा गया है. इस कारण हिन्दू धर्म में इसके उपयोग को व्रत के दौरान ज्यादा महत्व दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि व्रत के समय अनाज नही खाया जाता है. इसके बदले समा के चावल खाए जा सकते हैं. यह पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं.

स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
यह सफेद चावलों की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक होते है. समा के चावल में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, सी और ई अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अतिरिक्त यह खनिज से भी युक्त होते है. इससे हड्डियों को ताकत मिलती है.  इन चावलों में ग्लूटेन नहीं होता है, कम कैलौरी युक्त होते हैं साथ ही इनमें शर्करा की मात्रा भी कम होती है ऐसे में जो लोग अपनी डाइट और वजन घटाने को लेकर परेशान रहते हैं उनके लिए भी ये बहुत अच्छा आहार होता है.  समा के चावलों का प्रयोग मधुमेह से प्रभावित व्यक्तियों के लिए भी बहुत लाभदायक होता है क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है.पोषण से भरपूर यह चावल व्रत के दौरान व्यक्ति को ताकत और स्फूर्ति दोनों प्रदान करने में सहायक होता है. साथ ही यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.
आध्यात्मिक और आर्युवेदिक दृ्ष्टिकोण से समा के चावल पाचन में बहुत सहज और सौम्य कहे गए है. इस कारण धार्मिक रूप से भी इन चावलों का उपयोग व्रत एवं उपवास के दौरान करना उत्तम माना गया है. क्योंकि इस समय भोजन न कर पाने से हमारा पाचन तंत्र कमजोर होता है, ऐसे में यह चावल बहुत ही आसानी से पाचन क्रिया में सहायक बनते हैं और अच्छे फाइबर से युक्त होते हैं.

समा के चावल कहां मिलेंगे और इन्हें कैसे रखा जाए
समा के चावल किसी भी किराना स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होते हैं. इन्हें अॉनलाइन भी किसी भी शॉपिंग पोर्टल से खरीद सकते हैं. समा के चावलों को किसी भी कन्टेनर में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रखिए, इनमें नमी नही आनी चाहिए, यह साल भर तक सही रहते हैं.
समा चावल से बनने वाले पकवान
समा के चावलों से बहुत ही स्वादिष्ट मीठे और नमकीन व्यंजन बनाए जाते है जिनमें विशेषकर व्रत की खिचड़ी, पूरी, कचौरी, पुलाव, दोसा, खीर, चीला, चकली आदि शामिल है.

बेसन की कढ़ी (KADHI PAKORA)

सब्जियाँ और दालें करीब करीब हम रोजाना ही खाते हैं, जब कुछ अलग खाने को मन करता है तो हम कढ़ी (Dahi Besan Kadi) बनाते हैं. कढ़ी कई प्रकार की होती है. पकोड़े की कढ़ी प्रमुख है. यह उत्तर भारत में बनाई जाती है.आज प्रस्तुत है, बेसन कढ़ी पकोड़ा (Kadhi Pakoras Recipe ). इसे आप रोटी, नान या चावल के साथ खा सकते हैं.
सामग्री कढ़ी के घोल के लिए
  • 2 कटोरी दही
  • 1 बड़ा चम्मच बेसन
  • आधा चम्मच हल्दी
  • नमक स्वादानुसार
  • आधा चम्मच मेथी दाना
  • एक चोथाई चम्मच जीरा
सामग्री पकोड़ो के लिए
  • 1 कप बेसन
  • हींग 1 चुटकी
  • नमक स्वादानुसार
  • तेल तलने के लिए
  • हरी धनिया 1 चम्मच
 
सामग्री तडके के लिए
  • 1 टेबलस्पून घी
  • 4 से 5 करी पत्ता
  • आधा चम्मच राई
  • 2-3 साबुत लाल मिर्च
  • 2 लौंग


    पकोड़ी बनाने के लिए
      बेसन में थोडा पानी डाल के गाढ़ा घोल बनाइये, अच्छी तरह से फेटिये बेसन पकोड़े के लिए तैयार है कि नहीं चेक करने के लिए चम्मच से  बेसन को पानी में डालिए अगर बेसन ऊपर आ जाये तो बेसन तैयार है 

    नहीं तो थोडा और फेटिये नमक और हींग मिलाइए. अब कढ़ाई में तेल गरम करके बेसन कि छोटी छोटी पकोड़ी बना लीजिए ब्राउन होने तक तलिए और प्लेट में निकाल लीजिये. इसी तरह सारे बेसन की पकौड़ियां बना लीजिये.

    कढ़ी के घोल के लिये
     दही को मथकर एक बर्तन में निकालिये,  बेसन को फैंटे हुये दही में मिलाकर, इसमें लगभग 1.5  लीटर पानी मिला दीजिये.  कढ़ाई में 1 टेबल स्पून तेल छोड़ कर, सारा तेल निकाल दीजिये,

    तेल को गरम कीजिये, गरम तेल में हींग, मेथी और जीरा डाल दीजिये, जीरा ब्राउन हो जाने पर, हल्दी पाउडर डालिए 

    अब इसमें बेसन और  दही का घोल डाल दीजिए, घोल को चमचे से तबतक चलाते रहें, जबतक  घोल में उबाल न आ जाय.

    घोल में उबाल आने के बाद, आंच धीमी करके 15 मिनट तक पकाए या जब तक घोल थोडा गाढ़ा न हो जाये, अब इसमें पकोड़े डाल दीजिये और चमचे से चलाते जायं,

    कढ़ी में फिर से उबाल आने पर, उसमें नमक मिला दीजिये,  कढ़ी को 10 मिनिट तक धीमी आग पर पकने दीजिये, लेकिन 2-3  मिनिट पर चलाते रहिये.

    आप देखेंगे कि कढ़ाई के ऊपर किनारों की ओर बेसन की मलाई आ रही है. पकोड़े की कढ़ी बन चुकी है. कढ़ाई से कढ़ी को प्याले में निकाल लीजिये

    तडके के लिए
    तड़का पैन  में घी गरम कीजिये इसमें राई, करी पत्ता,  सुखी लाल मिर्च,  लौंग डालिए लाल हो जाने पर कढ़ी के ऊपर डाल दीजिए, हरी धनिया से सजा के रोटी या चावल के साथ परोसिये
     

Thursday, 7 September 2017

इस तरह बनाइये पोहा पालक कटलेट्स


कभी भी हल्की-फुल्की भूख लगने पर या पार्टी में स्टार्ट्स के तौर पर पोहा पालक कटलेट्स बनाए जा सकते है. इसे बनाने के लिए 150 ग्राम पोहा, 1 कप पालक, 4 उबले हुए आलू, 2 से 3 टेबल स्पून हरा धनिया, 1 छोटी चम्मच कददूकस किया हुआ अदरक, 2 से 3 बारीक़ कटी हुई मिर्च, ¼ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर, ¼ छोटी चम्मच गरम मसाला, ¼ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर, ¼ छोटी चम्मच अमचूर, 1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक, तलने के लिए तेल की जरूरत पड़ेगी.

इसे बनाने के लिए पोहे को एक प्याले में डाल कर पानी से अच्छे से धो लीजिए. इसे धो कर पोहे में से पानी हटा दीजिए. आलू को छील कर कद्दूकस कर लीजिए. इसमें अदरक, धनिया पाउडर, हरी मिर्च, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, नमक, अमचूर, हल्दी पाउडर और हरा धनिया भी डाल कर अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए. अब कटलेट्स बनाने के लिए हाथ पर थोड़ा सा तेल लगा लीजिए. थोड़ा सा पेस्ट हाथ में लेकर इसे गोल कीजिए.

इसे हाथ से हल्का सा चपटा करके कटलेट का आकार दे दीजिए और प्लेट में रख दीजिए. इस तरह सारे कटलेट्स बना लीजिए. अब कढ़ाई में तेल गर्म करे और मध्यम आंच में कटलेट्स को तले. दोनों तरफ से कटलेट्स को तल ले. नैपकिन बिछा कर प्लेट में निकाल ले, इसे हरे धनिये की चटनी, टमैटो कैचअप या मनपसंद चटनी के साथ सर्व करे.

क्रीमी मशरूम सूप बनाइये इस तरह

मशरूम सुप बनाने के कई तरीके है. मशरूम के सेवन से काफी फायदे होते है, इसके सेवन से इम्युनिटी भी बढ़ती है. इसे बनाने के लिए 200 ग्राम मशरूम, 2 टेबल स्पून, 1-2 टेबल स्पून हरा धनिया, 2 टेबल स्पून क्रीम, 1 नींबू, 2 टेबल स्पून कॉर्न फ्लोर, स्वादानुसार नमक, 1/4 छोटी चम्मच ताजा कुटी हुई काला मिर्च, 1/2 छोटी चम्मच अदरक पेस्ट की जरूरत पड़ेगी. सबसे पहले मशरूम को कपड़े से पोंछ कर डंठल की तरफ से थोड़ा हटा कर छोटा छोटा काट लीजिए.
पैन में 1 या 2 टेबल स्पून मक्खन डाल कर पिघलने तक गर्म करे. अब मक्खन में अदरक डाल कर हल्का सा भून ले, इसमें कटे हुए मशरूम, नमक, काली मिर्च, सारी चीजों को मिक्स कर ढक कर धीमी गैस पर 3-4 मिनिट तक पकने दीजिए. मशरूम के अंदर से जूस निकल आने के बाद 2 मिनट खुले ही पकाए ताकि मशरूम नरम हो जाए. थोड़े से मशरूम 1/4 भाग मशरूम कढ़ाई में साबूत टुकड़े छोड़ दीजिए और 3/4 भाग मशरूम के टुकड़े मिक्सर जार में डाल दरदरा पीस ले. पीसे हुए मशरूम को कढ़ाई में डाल दीजिए.
2 कप पानी डाल कर उबाल आने के बाद, कार्न फ्लोर को 2-3 टेबल स्पून पानी में गुठलियां खत्म होने तक घोलिये और सूप में मिला दीजिये, सूप को 2-3 मिनिट उबलने दीजिये, 1 टेबल स्पून क्रीम डाल दीजिये, गैस बन्द कर दीजिये और 2 छोटे चम्मच नीबू का रस डालकर मिला दीजिये. तैयार मशरूम के सुप को क्रीम और हरे धनिये से गार्निश किजीए.

इस तरह स्ट्रीट फ़ूड चाट पापड़ी बनाइए


स्ट्रीट फ़ूड के रूप में चाट पापड़ी मशहूर है. मुंह का स्वाद बदलने के लिए यह बिलकुल परफेक्ट डिश है. इसे घर में बनाना बहुत आसान है. पापड़ी बनाने के लिए 1 कप मैदा, 3 टेबल स्पून तेल, ¼ छोटा चम्मच जीरा, ¼ छोटा चम्मच नमक, तलने के लिए तेल, ½ कप मुंग की दाल की जरूरत पड़ेगी. चाट बनाने के लिए 1 कप ताजा दही, ¼ छोटी चम्मच काला नमक, 1 छोटी चम्मच चीनी, मीठी चटनी और हरे धनिये की चटनी, अनार दाने, नमक, भुना जीरा, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर की जरूरत पड़ेगी. इसे बनाने के लिए दाल को 2 घंटे पानी में भिगो दीजिए. बड़ा प्याला लेकर मैदा लीजिए. इसमें पानी डाल कर सख्त आता गूंथ कर तैयार कर लीजिए. गुंथे आटे को ढककर 15 से 20 मिनिट के लिए रख दीजिए. अब पीसी हुई मुंग दाल को 3 से 4 मिनट तक लगातार अच्छे से फैंट ले. जब अच्छे से यह फूल जाए तब पकौडिया तलने के लिए कढ़ाई में तेल गर्म करने रख दीजिए. तेल गर्म होते ही गोल पकोड़ियां तोड़ कर कढ़ाई में तलने के लिए डाल दीजिए. ब्राउन होने तक इसे तले.

अब एक प्याली में 3 कप पानी लीजिए और इसमें 1 छोटी चम्मच नमक डाल कर मिला ले. इस पानी में तली हुई पकोड़ियां डाल दीजिए और 15 से 20 मिनट तक पानी में ही भिगो कर रखे ताकि ये फूल जाए. अब पापड़ी बनाइए और इसे तल लीजिए. चाट में बनाने के लिए दही में नमक और चीनी डाल कर मिक्स कर दीजिए. एक प्लेट में 3 से 4 मूंगदाल की पकौडिया पानी निचोड़कर रखिए.

साथ ही 2 पापड़ी तोड़ कर डालिए. इनके ऊपर 5 से 6 छोटी चम्मच दही, 1 चम्मच मीठी चटनी, 1/2 या 1 चम्मच हरी चटनी डाल दीजिए और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मसाले- लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, जीरा पाउडर, नमक और अनारदाने डाल दीजिए. इनके ऊपर फिर से थोड़ा सा दही, 4 से 5 अनारदाने और जरा सा भुना जीरा पाउडर, नमक और मीठी चटनी और डाल दीजिए. चाट पापड़ी तैयार है.

इस तरह टेस्टी एंड हेल्थी दालमोठ तैयार करें


बाहर के स्नैक्स के बजाय घर में बने स्नैक्स ज्यादा अच्छे रहते है. इसे हल्की भूख लगने पर खा सकते है और यह सेहत के लिए भी अच्छे होते है. दाल को भिगो कर तल कर तैयार कर क्रिस्पी चना दाल नमकीन और दालमोठ बना सकते है. एक बार इसे बना कर डिब्बे में रख पुरे दो महीने तक खाया जा सकता है. चाय-कॉफी के साथ भी इसे ले सकते है. इसे बनाने के लिए 1 कप चना दाल, 1 कप मसूर दाल, स्वादानुसार नमक, ½ छोटी चम्मच अमचूर, ½ छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर, ½ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटी चम्मच भुना जीरा पाउडर, 1 छोटी चम्मच बेकिंग सोडा की जरूरत पड़ेगी. चने की दाल और मसूर की दाल दोनों को धो कर अलग-अलग बर्तन में 5 से 6 घंटे के लिए भिगो दे.

प्रत्येक दाल में ½ छोटी चम्मच बेकिंग सोडा डालकर मिक्स कर दीजिए. 6 घंटे बाद दाल से पानी निकाल कर इन्हें अच्छे से धो कर छलनी से छान कर सारा पानी निकाल दीजिए. ध्यान रहे दाल में बिलकुल भी पानी नहीं रहना चाहिए. अब कढ़ाई में तेल डाल कर गर्म कीजिए, गर्म तेल में दाल डालिए, दाल को कलछी की मदद से थोड़ा सा चला दीजिए. इससे तेल में झाग बनने लगेंगे. जब तेल से झाग खत्म हो जाएंगे तब दाल तेल के ऊपर तैर कर आ जाएगी.

अब दाल को निकाल लीजिए मगर छलनी में रखे ताकि तेल निथर जाए. इसके बाद मसूर की दाल को भी ऐसे ही फ्राय करे. दोनों दाल को एक प्याले में नमक, काला नमक, अमचूर, काली मिर्च पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर डाल दीजिए. अब सारे मसालों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए. अब आधा-आधा मसाला दोनों दालों में डाल दीजिए. दोनों दालों में मसालों को अच्छे से मिक्स कर लीजिए. इसे ठंडा होने के बाद किसी कंटेनर में भरकर रखे.

ऐसे बनाएं राजस्थानी मलाई मिर्च


राजस्थानी मलाई मिर्च स्वाद मे बहुत ही टेस्टी होती है और हरी मिर्च को छोंकने के बाद मलाई मिला कर पकाने पर इसका तीखापन हल्का कम और स्वाद कई गुना बढ जाता है। आप मलाई मिर्च को साईड डिश के रूप में परोसे। इसे आप फ्रिज में सप्ताह भर रख कर खाया जा सकता है। तो आइये हम आपको बताते है स्वादिष्ट मलाई मिर्च को घर पर कैसे बना सकते है।

आवश्यक सामग्री – राजस्थानी मलाई मिर्च


  1. हरी मिर्च – 100 ग्राम
  2. क्रीम – 2 -3 टेबल स्पून
  3. तेल – 1 टेबल स्पून
  4. जीरा – ½ छोटी चम्मच
  5. हींग – 1 पिंच
  6. धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
  7. सौंफ पाउडर – 1 छोटी चम्मच
  8. हल्दी पाउडर – ¼ छोटी चम्मच
  9. अमचूर पाउडर – ½ छोटी चम्मच
  10. नमक – ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार

विधि :-

हरी मिर्च को अच्छी तरह धोकर सुखाकर इसके डंठल तोड़ कर छोटी-छोटी काट कर तैयार कर लीजिए. पैन में तेल डालकर गरम होने दीजिए. तेल गरम होने पर हींग और जीरा डाल दीजिए. जीरा भून जाने पर इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और सौंफ पाउडर डाल कर मसाले को थोडा़ सा भून लीजिए.
मसाले में हरी मिर्च डाल कर अच्छे से मिलायें, नमक और अमचूर पाउडर डालकर मिला दीजिए अब मिर्च को ढककर के 1 -2 मिनिट धीमी आंच पर पकने दीजिए. इसके बाद चैक कीजिए.
मिर्च को अच्छे से चला दीजिए और इसमें क्रीम डाल कर लगातार चलाते हुए 1 मिनिट और पका लीजिए.
मलाई मिर्च बनकर तैयार है. गैस बंद कर दीजिए और इसे प्याले में निकाल लीजिए.

हैदराबादी पालक का सालन बनाने की विधि


आज कर कोई हरी सब्‍जी खाने के पीछे दीवाना है। तो ऐसे में हम भला पालक के साग को कैसे भूल सकते हैं। पर अगर आप पालक खा खा कर बोर हो चुके हैं तो, आज हम आ पको इसका हैदराबादी सालन बनाना सिखाएंगे, जो कि काफी टेस्‍टी होता है।
पालक की कई चीज़ें बन सकती हैं, लेकिन इस पालक के सालन की तो बात ही कुछ और है। अब आइये बिना देर किये हुए जानते हैं इसको बनाने की विधि-

सामग्री:-

1 किलो पालक
2 प्याज (बारीक कटा हुआ)
1 बड़ा चम्मच अदरक का पेस्ट और लहसुन पेस्ट
1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1/4 बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर
नमक स्वाद अनुसार
5 बड़े चम्मच तेल
2-3 हरी मिर्च
हरा धनिया (बारीक कटा हुआ)

बनाने की विधि :-


  1. सबसे पहले पालक को धो कर महीन काट लें और छान कर रख लें। 
  2. एक बड़े पैन में, तेल डाल कर उसमें प्‍याज पकाएं। 
  3. उसके बाद उसमें अदरक लहसुन पेस्‍ट मिलाएं और 1 मिनत तक पकाएं। 
  4. फिर कटी पालक, लाल मिर्च पावडर, हल्‍दी और हरी मिर्च डालें। 
  5. अब उसमें नमक डाल कर आंच को दो सेकेंड के लिये तेज कर दें और फिर आंच को धीमा कर के ढंक दें। 
  6. इसे ऐसे ही 15-20 मिनट के लिये छोड़ दें। 
  7. जब पालक से पानी सूख जाए, तब इसे त तक पकाएं जब तक कि तेल अलग ना होने लगे। 
  8. फिर इसे 5 मिनट के लिये चलाएं और फिर हरी धनिया से गार्निश कर के सर्व करें।

ऐसे बनाएं टोफू भुर्जी


टोफू पनीर की ही तरह दिखने में होता है लेनिक इसका स्‍वाद उससे थोड़ा सा हट कर होता है। टोफू सोया बीन के दूध से बनाया जाता है। आपने पनीर या अंडे की भुर्जी तो काफी खाई होगी लेकिन आज हम आपको टोफू भुर्जी बनाना सिखाएंगे।

टोफू भुर्जी को आप रोटी-पराठे या फिर ब्रेड के बीच में भर कर सैंडविच भी बना सकती हैं। टोफू प्रोटीन, जिंक, आयरन, पोटैशियम और अन्‍य विटामिनों का अच्‍छा सोर्स है इसलिये इसे नियमित अपने आहार में शामिल करना ना भूलें।

सामग्री (परोसना - २-३ बार):

१ बंडल ज्यादा सख्त टोफू
१ माध्यम प्याज, बारीक कटा हुआ
१ बड़ा टमाटर, बारीक कटा हुआ
१ हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
१/२ इंच अदरक का टुकड़ा, बारीक कटा हुआ
१/२ चम्मच जीरा
एक चुटकी हल्दी का पाउडर/ हल्दी
एक चुटकी लाल मिर्ची पाउडर
१/४ चम्मच गर्म मसाला (इच्छानुसार)
१-१/२ चम्मच तेल
१ चम्मच कटी हुई धनिया पत्तियां
स्वादानुसार नमक

ऐसे बनाएं टोफू भुर्जी :

  • टोफू को फेंट लें और एक तरफ रख देंl


  • फ्राइंग पैन में तेल को गर्म करेंl पहले जीरा डालें और उसे भूरा कर लें और फिर प्याज़ डालें और उसे तब तक भूनें जब तक वह नरम न हो जाएl


  • अदरक और हरी मिर्च मिलाएं और कुछ सेकेंडों के लिए भूनें, फिर टमाटर मिलाएं और तब तक भूनें जब तक टमाटर नरम न हो जाएँl


  • हल्दी का पाउडर, लाल मिर्च, गर्म मसाला छिड़कें और हिलाएंl फिर फेंटा हुआ टोफू मिलाएं और अच्छी तरह से हिलाएंl


  • ३-४ मिनट तक हल्के से तलें, नमक मिलाएं और फिर धनिया पत्ता मिला कर हिलाएंl


  • गर्म टोफू भुर्जी को डबलरोटी या रोटियों के साथ परोसें या फिर अतिरिक्त व्यंजन की तरह दाल-चावल या सब्ज़ी के सालन और चावल के साथ परोसें।
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